रोजगार सहायक संघ ने अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर के नाम दिया ज्ञापन, सैकडों की संख्या मे पहुंचे रोजगार सहायक

शिवपुरी। जिले के रोजगार सहायकों ने बडी संख्या मे एकत्रित होकर ग्राम रोजगार सहायक/पंचायत सहायक सचिव संघ शिवपुरी के बैनर तले अपनी मांगों को लेकर शिवपुरी कलेक्टर के नाम अपना ज्ञापन दिया। इसमे रोजगार सहायकों की प्रमुख मांग थी कि उन्हे उन्हे आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य देकर अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है, जबकि शासन द्धार चलाई जा रही करीब 33 योजनाओं की जिम्मेदारी उनके ऊपर पहले से है।
इसके अलावा रोजगार सहायक/पंचायत सहायक सचिव संघ के जिला अध्यक्ष राजेश रावत ने बताया कि हमारे ऊपर पहले से कई योजनाओं की जिम्मेदारी है इसके बाद हमे आयुष्मान कार्ड बनाने लक्ष्य दे दिया गया है। अगर हम अपना लक्ष्य पूरा नही करते तो हमारे ऊपर मीटिंग मे दबाब बनाया जाता है। शासन द्धारा ग्रामीण क्षेत्रों मे चलाई जा रही योजनाओं की जिम्मेदारी तो हमे दी गई है लेकिन शासन हमारी वेतन वृद्धि के विषय मे नही सोचती है पिछले 5 साल से हम रोजगार सहायक शासन द्धारा दी जा रही 9000 की वेतन पर ही कार्य कर रहे हैं।
रोजगार सहायक संघ शिवपुरी द्धारा कलेक्टर को दिया ज्ञापन
ग्राम रोजगार सहायक ग्राम पंचायत स्तर पर मनरेगा अधिनियम के अंतर्गत अल्प मानदेय 9000 रूपए में कार्य कर रहे हैं चूंकि रोजगार सहायक का मानदेय वर्तमान में 9000 रूपए मनरेगा से ही मिल रहे। जबकि ग्राम रोजगार सहायक ग्रामीण विकास की महत्वपूर्ण योजनाएं मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास, स्वच्छ भारत, समग्र सुरक्षा, सम्बल-2 सहित सभी योजनाओं का भार इस समय रोजगार सहायक पर है। साथ ही स्वास्थ विभाग की आयुष्मान भारत योजना के लिए भी लगातार जिले में ग्राम रोजगार सहायकों पर प्रत्येक दिवस कार्ड बनाने के लिए अनावश्यक दबाब बनाया जाकर टारगेट दिया जा रहा है, जिससे रोजगार सहायक मानषिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं।
प्रधानमंत्री आवास, मनरेगा लेबर बजट में लक्ष्य पूरा न होने से लगातार जिला एवं जनपदों से नोटिस एवम मानदेय में कटौती की जा रही हैं। मूल योजनाएं प्रभावित न हो इस लिए अन्य विभाग के कार्य से हमे मुक्त रखा जाए अन्य लोग जो इसके लिए नियुक्त है उनसे आयुष्मान कार्ड बनवाये जाएं। हम लोग भी सहयोग करने के लिए तैयार है और आज तक करते आये हैं। टारगेट बिल्कुल निर्धारित न किये जायें क्योंकि आज तक योजनाओं के टारगेट को पूरा करने को लेकर चिंतित होने के कारण प्रदेश में आये दिन ग्राम रोजगार सहायक की हार्टअटैक, एक्सीडेंट से मौत हुई हैं। जिनको शासन की तरफ से कोई सहायता भी नहीं मिली है न ही 5 वर्ष से एक रुपये मानदेय में वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री आवास योजना से जो मानदेय रोजगार सहायक को मिलते थे वह भी बंद कर दिए गये है। आवास योजना से भी मानदेय दिया जायें।
अतः श्रीमान जी से विक्रम निवेदन है कि अपर मुख्य सचिव के पत्र क्रमांक 3206/19/10/2020 के अनुसार मानरेगा के ही कार्य लिए जाये, अन्य योजनाओं के कार्यों से मुक्त रखा जाए अगर शासन अन्य योजनाओं के कार्य लेती है, तो अलग से पर्याप्त मानदेय का भुगतान किया जाये, शासन हमारी मांगों पर गम्भीरता से विचार नहीं करता तो मजबूरी में कठोर कदम उठाने पड़ेंगे जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन की होगी। विनम्र निवेदन है कि समस्याओं का निराकरण करने की कृपा करें।