बोर्ड़ परीक्षाओं के बीच शहर में देर रात तक बज रहे हैं डीजे व बैण्ड, कोलाहल नियन्त्रण अधिनियम कागजों में सिमटा

शिवपुरी। शहर सहित पूरे अंचल में हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी की बोर्ड परीक्षाएँ चल रही हैं। परीक्षा शुरू होने के साथ ही प्रशासन कोलाहल नियन्त्रण अधिनियम लागू कर ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर रोक लगा देता है, लेकिन परीक्षाओं के बीच शहर में कोलाहल नियंत्रण पर प्रशासन गहरी नींद में सोया हुआ हुआ है। मैरिज गार्डनों में देर रात तक तेज आवाज में डीजे, आतिशबाजी, और बैण्ड बाजों का शोर सुनाई दे रहा है।
बच्चों की पढ़ाई में इन दिनों विवाह व अन्य समारोह में रातभर बजने वाले डीजे व बैंड व्यवधान डाल रहे हैं। कहने को तो प्रशासन कोलाहल अधिनियम की दुहाई देता है मगर धरातल पर कोई प्रतिबंध का असर नहीं दिखाई दे रहा। कोलाहल अधिनियम के तहत रात 10 बजे बाद डीजे व लाउड स्पीकर पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है, लेकिन हकीकत में यह आदेश सिर्फ औपचारिक बना हुआ है। शहर ही नहीं बल्कि अंचलभर में रात रात भर बजने वाले डीजे और बैंड परिक्षार्थियों की पढ़ाई में व्यवधान डाल रहे हैं जिस कारण बच्चे अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित नही कर पा रहे हैं।
मैरिज गार्डन के पास रहने वाले कुछ बच्चों का कहना है रात में ही हमारे पढ़ने का टाइम होता है तभी डीजे और बैंड के कारण हम अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित नही कर पा रहे हैं, वहीं परीक्षार्थियों के साथ-साथ अभिभावकों में भी नाराजगी देखी जा रही है।
मैरिज हाउस के समीप रहने वाले ज्यादा परेशान:
शहर के अधिकांश मैरीज हाउस रिहायशी इलाकों में संचालित हो रहे हैं। जिनमें घोड़ा चौराहे से ग्वालियर बायपास रोड़, कमलागंज, सिद्धेश्वर, फिजिकल बायपास रोड, झांसी रोड, सर्कुलर रोड बस स्टैंड, जैसे क्षेत्रों में सबसे अधिक विवाहघर हैं जहां इन दिनों समारोह के दौरान देर रात तक डीजे ऊंची आवाज पर बजाए जा रहे हैं जिससे इन विवाहघरों के आसपास की बस्तियों में न केवल परीक्षार्थियों को परेशानी हो रही है बल्कि छात्र ठीक से सो तक नहीं पा रहे हैं।