फिल्मी स्टाइल में पुलिस ने 50 लाख की फिरौती मांगने वाले आरोपियों को गिरफ्तार कर युवक को सुरक्षित छुड़ाया

शिवपुरी। आरिफ खान ने 1 नवम्बर को पुलिस चौकी मगरौनी मे उपस्थित होकर रिपोर्ट कराई कि मेरे मामू अमजद खान मेरे घर आये और बोले कि आज भैंसों की गाड़ी भरना है, इसके बाद मैं और मेरे मामू अमजद खान नरवर बस स्टेण्ड पर एक व्यक्ति से मिले जो हमें भैंसे दिखाने के लिये ग्राम पीपलखाड़ी के जंगल मे अंदर की तरफ ले गया।
जंगल मे अंदर जाने पर तीन लोग खड़े मिले हमारे साथ जाने वाला व्यक्ति उनसे बात करने लगा और उनकी तरफ होकर मेरे मामू अमजद को पकड़ लिया व मुझसे बोले कि तू कौन है यहां से भाग जा नहीं तो तुझे भी पकड़ लेंगे, मैं वहां से भाग आया और घटना के बारे मे घर बालों को बताया व मामू अमजद की तलाश की लेकिन नहीं मिले फरियादी की रिपोर्ट पर पुलिस चौकी मगरौनी पर अपराध क्रमांक 342/2022 धारा 365 भादवि का कायम कर विवेचना मे लिया गया।
उसी दिन आरोपी द्वारा अपह्रत के परिजनों को फोन कर 50 लाख की फिरोती की मांग की गई एवं किसी को भी इस बारे मे बताने पर अपह्रत को जान से मारने की धमकी दी गई, जिस पर से प्रकरण मे धारा 364ए भादवि एवं धारा 11,13 एमपीडीपीके एक्ट का इजाफा किया गया ।
मामले की गंभीरता को देखते हुये पुलिस अधीक्षक शिवपुरी राजेश सिंह चंदेल के निर्देशन पर एसडीओपी करैरा संजय चतुर्वेदी के मार्गदर्शन मे पांच पुलिस टीमों का गठन किया गया। पांचों टीमों को आरोपी द्वारा बताये गये फिरोती देने के स्थान को घेरने के लिये व्रीफ कर अपह्रत को मुक्त कराने एवं आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु रवाना किया।
इसके साथ ही थाना प्रभारी बम्हारी, सुभाषपुरा, सतनवाड़ा को कट ऑफ पाइंट पर क्रमशः बम्हारी से सुभाषपुरा के रास्ते पर, कैरऊ से धौलागढ़ के रास्ते पर, एनएच से बम्हारी जाने वाले रास्ते पर तथा करैरा के उप निरीक्षक को मगरौनी के वन नाके पर चैकिंग हेतु लगाया गया।
प्लानिंग के तहत टीम नंबर 1 फिरोती की डमी रकम लेकर एवं अपह्रत के भाई को लेकर सिद्ध बाबा बाली पहाड़ी के नीचे मैदान मे पहुंचकर टॉर्च का इसारा किया तो पहाड़ तरफ से आवाज आई कौन है तब अपह्रत के भाई ने आवाज दी कि मै अमजद खान का भाई हूं फिरोती की रकम लेकर आया हूं।
कुछ समय बाद तीन व्यक्ति एक व्यक्ति को रस्सी से बांधकर लाते दिखे एवं इनसे लगभग 50 कदम पीछे एक व्यक्ति हाथ मे बंदूक लिये आता दिखाई दिया, अपह्रत के भाई ने फिरोती की डमी रकम का थेला अपहरणकर्ताओं को दे दिया जिसे चैक कर उन्होंने अमजद को राजेश के पास आने दिया। अपह्रत के मिलते ही टीम नंबर 1 ने अपह्रत को सुरक्षित निकाला एवं अन्य सभी टीमों ने घेराबंदी कर तीन आरोपियों को पकड़ लिया।
जब अपहरण किया गया था तब अमजद के पास 80 हजार रुपये थे जिनमे से गिरफ्तार आरोपियों से 25 हजार 500 रुपये एवं आरपियों के कब्जे से एक 12 बोर का कट्टा एवं राउण्ड, कुल्हाड़ी एवं सरिया जप्त किया गया है, एक आरोपी जंगल एवं अंधेरे का फायदा उठाकर भागने मे कामयाव हो गया जिसकी तलाश पुलिस द्वारा की जा रही है।
उक्त कार्यवाही मे निरी. अलोक सिंह भदौरिया, उनि. दीपक शर्मा, उनि. अमित चतुर्वेदी, उनि. राघवेन्द्र यादव, उनि. रविनद्र सिकरवार, उनि. नीरज राणा, उनि. सुनील राजपूत, उनि. राजीव दुवे, कावा. उनि. रामचंद्र पचौरी, सउनि प्रवीण त्रिवेदी, भोलारम पुरोहित, विवेक भट्ट, कार्य. सउनि. राकेश यादव, प्रआर. चंद्रभान, संभसेतु, नारायण वंजारा, कावा. प्रआऱ. डेनी कुमार, विपिन कुमार, अजेन्द्र परिहार, आर. संतोष, सचिन यादव, सुनील रावत, संदीप सिंह, विनोद कुमार अरुण कुशवाह, अनूप कुमार, हरेन्द्र, देवेन्द्र परिहार, शिवम, पवन राठौर, मलखान गुर्जर, भारत बघेल, विकाश भदौरिया, नवीन शाक्य, विक्रम जाट, घनश्याम रजक, प्रआऱ.चा. उसमान खान, आर. चालक राम हुजूर यादव, सैनिक हनुमंत सिंह की सराहनीय भूमिका रही।